मोबाइल में छिपी ये 7 सेटिंग्स तुरंत बदल लें: न फालतू Ads आएंगे, न स्टोरेज भरेगा और फोन चलेगा बिल्कुल नए जैसा
नया स्मार्टफोन खरीदने के 6 से 8 महीने बाद ही लगभग हर यूजर को तीन बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है: पहला—फोन की गैलरी में ज्यादा फोटो-वीडियो न होने के बावजूद "Storage Almost Full" का नोटिफिकेशन आना; दूसरा—कोई भी ऐप या आर्टिकल खोलते ही स्क्रीन पर अचानक पूरे पन्ने के विज्ञापन (Ads) आ जाना; और तीसरा—अच्छी खासी RAM होने के बावजूद फोन का रुक-रुक कर (Lag) चलना।
अक्सर लोग इन परेशानियों से बचने के लिए Play Store से कोई "RAM Booster", "Junk Cleaner" या "Battery Saver" ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि ये थर्ड-पार्टी क्लीनर ऐप्स खुद बैकग्राउंड में चलकर आपके फोन की बैटरी और डेटा दोनों खत्म करते हैं।
आपके एंड्रॉइड स्मार्टफोन (चाहे वह Samsung, Redmi, Realme, Vivo, Oppo, POCO या Motorola हो) के अंदर ही कुछ ऐसी टेक्निकल सेटिंग्स मौजूद होती हैं, जिन्हें कंपनियां डिफॉल्ट रूप से चालू या बंद करके देती हैं। अगर आप नीचे बताई गई 7 सेटिंग्स को अपने फोन में ठीक कर लेते हैं, तो आपको न तो कोई फोटो डिलीट करनी पड़ेगी और न ही किसी अलग ऐप की ज़रूरत पड़ेगी।
एक नज़र में: कौन-सी सेटिंग बदलने से क्या फायदा होगा?
| सेटिंग का नाम | किस समस्या को ठीक करेगी? | फोन पर क्या असर पड़ेगा? | समय लगेगा |
|---|---|---|---|
| 1. Private DNS कोड | ऐप्स और वेबसाइट के फालतू विज्ञापन (Ads) | 95% तक पॉप-अप और बैनर विज्ञापन तुरंत बंद होंगे | 20 सेकंड |
| 2. Virtual RAM (RAM Plus) OFF | फोन का हैंग होना और गर्म होना | ऐप्स खुलने की स्पीड और गेमिंग परफॉर्मेंस बेहतर होगी | 30 सेकंड |
| 3. Chrome 'Data Stored' क्लीनअप | बिना वजह भरा हुआ 5GB से 15GB स्टोरेज | एक भी फोटो या फाइल खोए बिना भारी स्टोरेज खाली होगा | 1 मिनट |
| 4. Wi-Fi & Bluetooth Scanning | रातभर में अपने-आप बैटरी कम होना | बैकग्राउंड बैटरी की खपत में 15% से 20% तक की बचत | 20 सेकंड |
| 5. Play Store Auto-Archive | कम इस्तेमाल होने वाले ऐप्स से घिरा स्पेस | डेटा और लॉगिन उड़ाए बिना ऐप का साइज 80% कम होगा | 15 सेकंड |
| 6. Animation Scale (0.5x) | पुराने फोन का धीमा महसूस होना | स्क्रीन स्क्रॉलिंग और ऐप स्विचिंग दोगुनी तेज़ लगेगी | 40 सेकंड |
| 7. Google Ad Personalization | आपकी बातें सुनकर दिखने वाले टारगेटेड Ads | प्राइवेसी सुरक्षित रहेगी और फालतू ट्रैकिंग रुकेगी | 30 सेकंड |
1. बिना किसी ऐप के फोन के 95% विज्ञापन (Ads) बंद करें (Private DNS Method)
जब आप अपने फोन में कोई फ्री ऐप, गेम, फाइल मैनेजर या न्यूज़ वेबसाइट खोलते हैं, तो बार-बार स्क्रीन पर ऐसे विज्ञापन आ जाते हैं जिनका कट (X) बटन इतना छोटा होता है कि गलती से उस पर क्लिक हो जाता है। इसे रोकने के लिए आपको कोई थर्ड-पार्टी Blocker ऐप डालने की ज़रूरत नहीं है। एंड्रॉइड 9 और उसके बाद के सभी फोन्स में Private DNS का एक इन-बिल्ट फीचर आता है।
इसे अपने फोन में कैसे चालू करें?
- सबसे पहले अपने फोन की Settings में जाएं और ऊपर सर्च बार में Private DNS लिखकर सर्च करें।
- वहां आपको तीन विकल्प मिलेंगे: Off, Automatic और Private DNS provider hostname (कुछ फोन्स में यह Specified DNS नाम से होता है)।
- आपको तीसरे विकल्प (Hostname) पर क्लिक करना है और खाली बॉक्स में बिल्कुल छोटे अक्षरों में यह लिखना है:
dns.adguard-dns.com - इसे Save कर दें।
यह कैसे काम करता है? जब भी आपके फोन का कोई ऐप विज्ञापन दिखाने के लिए एड-सर्वर से रिक्वेस्ट भेजता है, तो यह DNS सर्वर उस विज्ञापन को आपके फोन की स्क्रीन तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है। इससे न केवल विज्ञापन बंद होते हैं, बल्कि आपका मोबाइल डेटा भी बचता है। (नोट: यह YouTube या Facebook के इन-बिल्ट वीडियो विज्ञापनों को नहीं रोकता, लेकिन बाकी सभी ऐप्स और ब्राउज़र के पॉप-अप Ads को पूरी तरह गायब कर देता है।)
2. Virtual RAM (RAM Expansion / RAM Plus) को तुरंत बंद करें—जानिए इसके पीछे का असली सच
आजकल ₹10,000 से ₹25,000 के हर स्मार्टफोन के डिब्बे पर बड़े अक्षरों में लिखा होता है: "8GB + 8GB Extended RAM" या "16GB Dynamic RAM"। ज्यादातर यूजर्स को लगता है कि इस सेटिंग को चालू रखने से उनका फोन सुपरफास्ट चलेगा, लेकिन तकनीकी रूप से कहानी इसके ठीक उलट है।
Virtual RAM फोन को धीमा क्यों कर देती है?
फोन में लगी असली भौतिक रैम (LPDDR4X या LPDDR5 RAM) की डेटा पढ़ने और लिखने की स्पीड 25,000 MB/s से 50,000 MB/s तक होती है। वहीं, जब आप Virtual RAM चालू करते हैं, तो फोन आपके इंटरनल स्टोरेज (UFS 2.2 या UFS 3.1) के 4GB या 8GB हिस्से को रैम की तरह इस्तेमाल करने लगता है। इंटरनल स्टोरेज की स्पीड असली रैम के मुकाबले 10 से 20 गुना धीमी होती है।
नतीजा यह होता है कि जब आप एक साथ 4-5 ऐप्स खोलते हैं, तो प्रोसेसर को धीमे स्टोरेज से डेटा उठाना पड़ता है, जिससे फोन हैंग होने लगता है, बैटरी जल्दी उतरती है और फोन की स्टोरेज चिप की उम्र (Lifespan) भी कम होती है।
आम गलतफहमी (Myth)
6GB या 8GB असली RAM के साथ 8GB Virtual RAM जोड़ लेने से फोन 16GB RAM जैसा तेज़ चलने लगता है।
तकनीकी सच्चाई (Reality)
अगर आपके फोन में 6GB या 8GB असली RAM है, तो Virtual RAM को OFF करते ही आपका फोन पहले से ज्यादा स्मूथ और तेज़ चलने लगेगा, साथ ही 8GB इंटरनल स्टोरेज भी तुरंत खाली हो जाएगा।
3. बिना एक भी फोटो या वीडियो डिलीट किए 5GB से 15GB स्टोरेज खाली करें (Chrome Hidden Storage)
क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब आप फोन की स्टोरेज सेटिंग में जाते हैं, तो वहां "System" या "Apps" के नाम पर 40GB-50GB जगह भरी हुई दिखती है? इसका सबसे बड़ा गुनहगार आपके फोन का Google Chrome ब्राउज़र होता है।
हम रोज़ाना Chrome पर सैकड़ों वेबसाइट्स खोलते हैं, सरकारी फॉर्म चेक करते हैं, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स देखते हैं या वीडियो स्ट्रीम करते हैं। ये वेबसाइट्स चुपचाप आपके फोन में अपना कैश डेटा (Offline Cache & Site Data) जमा करती रहती हैं। कई पुराने फोन्स में तो सिर्फ Chrome के अंदर ही 8GB से 14GB तक फालतू डेटा जमा हो जाता है।
इस छुपे हुए कचरे को साफ करने का सही तरीका:
ध्यान रहे, अगर आप बाहर से Chrome का "Clear All Data" कर देंगे, तो आपके सारे सेव किए हुए पासवर्ड और लॉगिन उड़ जाएंगे। पासवर्ड बचाते हुए सिर्फ फालतू स्टोरेज साफ करने के लिए यह तरीका अपनाएं:
- अपने फोन में Chrome ब्राउज़र खोलें और ऊपर कोने में दिए गए तीन डॉट्स (⋮) पर टैप करके Settings में जाएं।
- थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें और Site settings विकल्प पर क्लिक करें।
- अब बिल्कुल नीचे की तरफ जाएं, वहां आपको Data stored (या Storage) का विकल्प मिलेगा—उस पर टैप करें।
- यहां आपको उन सभी वेबसाइट्स की लिस्ट दिखेगी जिन्होंने आपके फोन की मेमोरी घेर रखी है (कई साइट्स के आगे 500MB या 1GB लिखा दिखेगा)।
- नीचे दिए गए नीले बटन Clear all data (या फालतू बड़ी वेबसाइट्स को चुनकर Delete) पर क्लिक कर दें।
इससे आपके फोन का एक भी सेव किया हुआ पासवर्ड, बुकमार्क या डाउनलोड की गई फाइल डिलीट नहीं होगी, लेकिन कई जीबी (GB) स्टोरेज तुरंत खाली हो जाएगा।
4. Wi-Fi और Bluetooth बंद होने के बाद भी बैटरी चूसने वाली सेटिंग को रोकें
अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि रात को सोते समय उन्होंने फोन का इंटरनेट, Wi-Fi और Bluetooth सब बंद कर दिया था, फिर भी सुबह उठने पर 12% से 15% बैटरी कम हो गई। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऊपर नोटिफिकेशन पैनल से Wi-Fi और Bluetooth बंद कर देने के बाद भी एंड्रॉइड का Background Scanning फीचर चौबीसों घंटे चालू रहता है।
इसे हमेशा के लिए कैसे बंद करें?
- फोन की Settings में जाकर Location पर क्लिक करें।
- वहां Location Services के अंदर आपको दो विकल्प दिखेंगे: Wi-Fi scanning और Bluetooth scanning।
- ये दोनों सेटिंग्स हर फोन में पहले से ऑन रहती हैं, जिससे आपका फोन बंद होने पर भी लगातार आसपास के राउटर और ब्लूटूथ डिवाइस को खोजता रहता है।
- इन दोनों को OFF कर दें। इससे आपके GPS या Google Maps के काम करने पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन फोन की आइडल बैटरी ड्रेन (Idle Battery Drain) तुरंत रुक जाएगी।
5. Play Store का 'Auto-Archive' फीचर: बिना ऐप अनइंस्टॉल किए 80% जगह बचाएं
हमारे फोन में कई ऐसे सरकारी ऐप्स (जैसे DigiLocker, mParivahan, IRCTC), शॉपिंग ऐप्स या एडिटिंग टूल्स होते हैं जिनकी ज़रूरत हमें महीने-दो महीने में सिर्फ एक बार पड़ती है। अगर हम इन्हें अनइंस्टॉल कर देते हैं, तो अगली बार फिर से डाउनलोड करके लॉगिन और OTP डालने का झंझट करना पड़ता है; और अगर फोन में रखते हैं, तो ये फालतू में 5GB-10GB जगह घेरे रहते हैं।
गूगल ने इसी समस्या के लिए Play Store में Automatically archive apps नाम का एक शानदार फीचर जोड़ा है:
इसका फायदा: जिस ऐप को आप 2-3 महीने तक इस्तेमाल नहीं करेंगे, Play Store अपने-आप उस ऐप की भारी फाइलों को हटाकर उसका साइज 80% तक छोटा कर देगा, लेकिन आपके फोन की होम-स्क्रीन पर उस ऐप का आइकन (एक छोटे से बादल के निशान के साथ) और आपका लॉगिन डेटा सुरक्षित रहेगा। जब भी आपको दोबारा ज़रूरत हो, बस उस आइकन पर टैप करें और वह बिना दोबारा लॉगिन मांगे वहीं से शुरू हो जाएगा!
6. पुराने या बजट फोन की स्पीड दोगुनी महसूस कराने वाली '0.5x Animation' ट्रिक
जब भी आप अपने फोन में किसी ऐप पर क्लिक करते हैं या एक ऐप से दूसरे ऐप पर जाते हैं, तो फोन के सॉफ्टवेयर में एक एनिमेशन (खुलने और बंद होने का विजुअल इफेक्ट) चलता है। सस्ते या 1-2 साल पुराने फोन्स में यही एनिमेशन प्रोसेसर पर लोड डालता है जिससे फोन धीमा महसूस होता है।
- फोन की Settings > About Phone में जाएं और Build Number (Xiaomi/Redmi फोन में MIUI/HyperOS Version) पर लगातार 7 बार जल्दी-जल्दी टैप करें। स्क्रीन पर "You are now a developer" लिखा आ जाएगा।
- अब वापस आकर Additional Settings > Developer Options में जाएं।
- नीचे स्क्रॉल करके ये तीन विकल्प ढूंढें:
- Window animation scale
- Transition animation scale
- Animator duration scale
- ये तीनों डिफॉल्ट रूप से
1xपर सेट होते हैं। इन तीनों पर क्लिक करके इन्हें0.5xकर दें।
जैसे ही आप इसे 0.5x करेंगे, आप देखेंगे कि आपके फोन में हर ऐप पलक झपकते ही खुल रहा है और स्क्रीन रिस्पॉन्स किसी महंगे फ्लैगशिप फोन जैसा तेज़ हो गया है।
7. फोन आपकी बातें सुनकर विज्ञापन दिखाता है? इस ट्रैकिंग को अभी बंद करें
आपके साथ भी ऐसा ज़रूर हुआ होगा कि आपने किसी दोस्त से जूते, घड़ी या किसी कोर्स के बारे में सिर्फ बात की या एक बार सर्च किया, और अगले ही मिनट Facebook, Instagram और हर वेबसाइट पर आपको ठीक उसी चीज़ के विज्ञापन दिखने शुरू हो गए। ऐसा आपके फोन में मौजूद एक यूनिक Advertising ID की वजह से होता है।
अपनी ट्रैकिंग आईडी को हमेशा के लिए कैसे डिलीट करें?
यहां जाकर Delete advertising ID पर क्लिक कर दें। इससे कोई भी थर्ड-पार्टी ऐप आपकी सर्च हिस्ट्री या पसंद को ट्रैक करके आपका प्रोफाइल नहीं बना पाएगा। इसके साथ ही इसी पेज के ऊपर Usage & diagnostics नाम का विकल्प भी मिलता है—उसे भी बंद कर दें ताकि आपका फोन बैकग्राउंड में गूगल को लगातार डेटा भेजकर बैटरी और इंटरनेट खर्च न करे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या Private DNS (`dns.adguard-dns.com`) लगाने से ऑनलाइन बैंकिंग या UPI पेमेंट में कोई दिक्कत आती है?
नहीं, इससे PhonePe, Google Pay, Paytm या नेट बैंकिंग पर कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, कभी-कभार अगर किसी सरकारी वेबसाइट या कॉलेज पोर्टल का पॉप-अप न खुल रहा हो, तो आप 5 सेकंड के लिए Private DNS को Automatic पर कर सकते हैं और काम होने के बाद वापस ऑन कर सकते हैं।
2. मेरे फोन में सिर्फ 4GB RAM है, क्या मुझे भी Virtual RAM बंद कर देनी चाहिए?
अगर आपके फोन में 4GB या उससे ज्यादा असली RAM है, तो Virtual RAM बंद रखना ही बेहतर है क्योंकि यह इंटरनल स्टोरेज को धीमा करती है। केवल उन्हीं पुराने फोन्स में जहां सिर्फ 2GB या 3GB RAM है, वहां आप 1GB या 2GB Virtual RAM ऑन रख सकते हैं ताकि बैकग्राउंड ऐप्स बार-बार बंद न हों।
3. फोन को बिना फॉर्मेट (Reset) किए महीने में एक बार क्लीन रखने का सबसे अच्छा नियम क्या है?
किसी भी क्लीनर ऐप का इस्तेमाल करने के बजाय महीने में एक बार Chrome के Site Settings > Data Stored को साफ करें, WhatsApp के अंदर जाकर Settings > Storage and Data > Manage Storage से फालतू फॉरवर्ड किए गए वीडियो हटाएं, और हफ्ते में कम से कम एक बार अपने फोन को 2 मिनट के लिए Switch Off करके दोबारा चालू (Restart) ज़रूर करें।
निष्कर्ष: अभी अपने फोन में कौन-सी 2 सेटिंग्स आज़माएं?
इन सातों सेटिंग्स को बदलने में आपको कुल मिलाकर 5 मिनट से भी कम समय लगेगा, लेकिन इनका असर आपको पहले ही मिनट से दिखना शुरू हो जाएगा। सबसे पहले अपने फोन में Private DNS सेट करें ताकि स्क्रीन पर आने वाले फालतू विज्ञापन बंद हों, और उसके तुरंत बाद Chrome के Data Stored में जाकर देखें कि अनजाने में कितनी वेबसाइट्स ने आपके फोन का स्टोरेज घेर रखा है।
जब आपने अपने फोन के Chrome की Site Settings चेक की, तो वहां कितने GB डेटा भरा हुआ मिला? नीचे कमेंट करके अपना अनुभव ज़रूर साझा करें! साथ ही, अगर यह जानकारी आपके काम आई हो, तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के WhatsApp ग्रुप में शेयर करें ताकि वे भी अपने फोन को फालतू ऐप्स और हैंग होने से बचा सकें। टेक्नोलॉजी, AI टूल्स और स्मार्ट डिजिटल टिप्स की ऐसी ही काम की जानकारी के लिए ExamReport.in से जुड़े रहें!



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